ढाका, जुलाई 13 -- बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें तेजी से सिर उठा रही हैं। हिंदू अल्पसंख्यकों पर लगातार हमलों के बाद अब सूफी संतों, मजारों और उनकी परंपराओं को निशाना बनाया जा रहा है। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुए टारगेटेड हमले नई सरकार बनने के बावजूद रुके नहीं हैं, बल्कि और संगठित रूप लेते जा रहे हैं। सेंटर फॉर सूफी हेरिटेज की ताजा फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों (1 जनवरी से 30 जून) में बांग्लादेश में कम से कम छह सूफी मजारों पर हमले या धमकियां दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं में एक पीर की हत्या, मजारों में तोड़फोड़, आगजनी और श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज शामिल है।कुश्तिया में सबसे डरावनी घटना अप्रैल महीने में कुश्तिया जिले में हुई घटना को सूफी समुदाय सबसे ज्यादा डरावनी बता रहा है। पीर अब्दुर रहमान को उ...