नई दिल्ली, फरवरी 6 -- बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पहली बार आम चुनाव होने को हैं। यह चुनाव भारत के लिए भी अहम है। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने जब से देश की जिम्मेदारी संभाली, भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव चरम पर पहुंच गए। वहीं पड़ोसी देश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की लगातार आ रही खबरें भी चिंताजनक हैं। ऐसे में यह चुनाव को लेकर इस बात पर सबकी नजरें टिकी हैं कि चुनाव में उतर रहीं पार्टियों का इन मसलों पर क्या रुख है। बता दें कि बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को मतदान होगा। चुनाव से ठीक एक हफ्ते पहले दो बड़ी पार्टियों का भारत और हिंदू समुदाय को लेकर रुख भी लगभग साफ हो गया है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के घोषणापत्र में...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.