वाराणसी, जनवरी 3 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर एक तरफ महौल में गरमाहट है तो दूसरी तरफ काशी के गंगा तट पर बांग्लादेश के युवा गायक ने 'धन धन कृष्ण मुरारी' भजन गाया। अवसर था सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की ओर से अस्सी घाट पर होने वाली प्रभाती का। बांग्लादेशी गायक सैमुअल आलम हासिब ने शनिवार की सुबह राग मारवा में विलंबित एक ताल में निबद्ध बंदिश 'ऐ बक्श दीजिये' से गायन की शुरुआत की। फिर श्रीकृष्ण भजन 'धन धन कृष्ण मुरारी' के सुर लगाए। संत कबीर की रचना 'मन लागो मेरो यार फकीरी में' से उन्होंने गायन को विराम दिया। उनके साथ तबला पर सचिन कुमार एवं हारमोनियम पर प्रयिम सौहार्द ने संगत की। कार्यक्रम का संयोजन डॉ.रत्नेश वर्मा एवं संचालन डॉ.प्रीतेश आचार्य ने किया।
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