बांका, अप्रैल 26 -- बांका, कुमार आनंद। बांका जिले में सड़क हादसों के पीड़ितों और मृतकों के आश्रितों को अब मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और तेज हो गई है। वर्ष 2024 से भागलपुर प्रमंडल आयुक्त कार्यालय परिसर में मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) के क्रियाशील होने के बाद बांका समेत आसपास के जिलों के पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इससे पहले सड़क दुर्घटना मुआवजा मामलों की सुनवाई सिविल कोर्ट बांका में होती थी,जहां लंबी प्रक्रिया के कारण मामलों के निष्पादन में अधिक समय लगता था। अब नॉन हिट एंड रन मामलों, यानी जिन दुर्घटनाओं में वाहन की पहचान हो चुकी हो, पुलिस द्वारा वाहन जब्त कर लिया गया हो और संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज हो; उनकी सुनवाई एमएसीटी में होती है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति या मृतक के आश...