भागलपुर, जुलाई 1 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी गंभीर मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रक्तदान केवल जरूरतमंदों के लिए ही नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी कई मायनों में लाभकारी हो सकता है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में नए रक्त कोशिकाओं (ब्लड सेल) का निर्माण होता है और रक्त संचार की प्रक्रिया भी बेहतर बनी रहती है।इससे शरीर स्वयं को संतुलित रखने का प्रयास करता है और व्यक्ति तरोताजा महसूस कर सकता है।विशेषज्ञ बताते हैं कि, 18 से 60 वर्ष की आयु के ऐसे स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन 45 किलोग्राम या उससे अधिक हो, वे रक्तदान कर सकते हैं। गौरतलब है कि, रक्तदान से पहले हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। जहाँ पुरुषों में हीमोग्लोबिन 12.5 ग्...