सतना, अगस्त 30 -- सतना की धर्मनगरी चित्रकूट में मूसलाधार बारिश के बाद जीवनदायिनी मंदाकिनी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि पूरी धार्मिक नगरी जलप्रलय की चपेट में आ गई। नदी का उफान घाटों की सीमाएं तोड़कर बाजारों, मठ-मंदिरों और रिहायशी बस्तियों में दाखिल हो गया। कई इलाकों में दो मंजिला मकान डूब गए और 42 साल पुराना, 25 फीट ऊंचा और 300 मीटर चौड़ा नदी का मुख्य पुल पानी के प्रचंड वेग में तिनके की तरह बह गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना के दो हेलीकॉप्टर और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मोर्चा संभाला और देर रात तक छतों पर फंसे करीब 650 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।छतों पर गुजरी खौफनाक रात, 20 घंटे तक छाया रहा ब्लैकआउट बाढ़ का सबसे भयावह असर रामघाट, राघव प्रयाग, नयागांव, आरोग्यधाम, कामता, पुरानी लंका चौराहा, खटकाना मोहल्ला, क्योतरा और जानकीकुंड...