चित्रकूट, दिसम्बर 20 -- चित्रकूट। संवाददाता अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने बहू के साथ दुष्कर्म करने वाले ससुर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी को 18 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। पीड़िता ने न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गोहार लगाई थी। कोर्ट के आदेश पर मऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़िता का कहना था कि उसकी शादी मई 2018 में हुई थी। कुछ दिन बाद पति के बाहर मजदूरी करने चले जाने पर सगे ससुर ने ससुराल में उसे अकेला पाकर बहला-फुसला एवं धरा-धमकाकर बुरा काम किया। धमकाया कि किसी से बताने पर उसे मारकर यमुना नदी में फेंक देगा। सास को बताने पर उसने उसे चुप करा दिया। इस दौरान वह गर्भवती हो गई और मायके आने पर बच्चा हु...
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