नई दिल्ली, फरवरी 24 -- भारतीय नौसेना 2047 तक पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। एक के बाद एक नए स्वदेशी पोत नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 27 फरवरी को स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत) आईएनएस 'अंजदीप' भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा। इसकी खासियत है कि यह सतह के साथ-साथ समुद्री की गहराई में भी दुश्मन की पनडुब्बी को ट्रैक कर नष्ट कर सकता है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की मौजूदगी में चेन्नई पोर्ट पर इसे आधिकारिक तौर पर नौसेना का हिस्सा बनाया जाएगा। पहले तीन पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत आईएनएस अर्णाला, आईएनएस अंद्रोत्त और आईएनएस माहे नौसेना में शामिल किए जा चुके हैं।क्यों खास है यह युद्धपोत आईएनएस 'अंजदीप' को हमला और बचाव दोनों ऑपरेशन के...