गोरखपुर, मार्च 19 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता राजकुमार हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर ही दो डंपर चालकों को गिरफ्तार कर पुलिस ने हत्या के खुलासा का दावा किया लेकिन परिजन इस खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। वह सवाल उठाते हुए आरोप लगा रहे हैं कि नामजद आरोपियों को वीआईपी ट्रिटमेंट दिया जा रहा है, जबकि असल गुनाहगार वहीं है, उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।बहन संगीता ने कहा कि जिन दो लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है, अकेले हत्या करना उनके बस की बात नहीं है। आरोप लगाया कि बड़े लोग खुद को बचाने के लिए डंपर चालकों को रुपयों का लालच देकर फंसा दिए हैं। रुपयों के लालच में ही दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया होगा। अगर वह शामिल भी हैं तो भी हत्या की साजिश में नामजद आरोपी ही असल गुनाहगार हैं।मंगलवार को हत्या के बाद परिजनों ने भाजपा पार्षद समेत आठ लोगों पर ह...