बहन के कैंसर से मिली प्रेरणा, कबाड़ बीनने वाले के बेटे ने क्रैक किया NEET; आई इतनी रैंक
नई दिल्ली, अगस्त 3 -- राजस्थान के कोटा जिले के कैथून कस्बे के पास स्थित गोडल्याहेड़ी गांव के रहने वाले सागर रेगर की कहानी काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक है। सागर बेहद गरीब परिवार से आते हैं। लेकिन पढ़ाई में वो तेज थे। उन्होंने बचपन में डॉक्टर बनने का सपना देखा। हालांकि उनके परिवार या रिश्तेदारों में कोई डॉक्टर नहीं था। लेकिन बहन कैंसर पीड़ित थी और बहन का दर्द उनसे देखा नहीं गया। बस यहीं से उन्होंने डॉक्टर बनने का दृढ़ संकल्प लिया। हालांकि सागर के पास इतनी गरीबी थी, वो महंगी कोचिंग में दाखिला नहीं ले सकते हैं। पिता कबाड़ी का काम करते थे। मगर, गरीबी और संघर्ष के बीच पले-बढ़े सागर ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। उन्होंने न केवल डॉक्टर बनने का सपना देखा, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उस सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी...
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