हमीरपुर, दिसम्बर 16 -- हमीरपुर/राठ, संवाददाता। यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को तड़के हुए हादसे में जान गंवाने वाली पार्वती मरते-मरते अपने दो बच्चों को जीवन दान दे गई। किसी तरह बस की खिड़की तोड़कर उसने मासूम दो बच्चों को बाहर कर दिया, लेकिन खुद मौत के आगोश में समा गई। इस खबर से मृतका के मायके और ससुराल में मातम पसर गया। थाना मझगवां के नौरंगा गांव की रहने वाली 40 वर्षीय पार्वती पांच बच्चों की मां थी। तीन बड़े बच्चों आकाश, हिमांशु और पिंटू को दिल्ली में पति गोविंददास के पास छोड़कर 11 नवंबर को छोटी बहन की मौत की सूचना मिलने पर अपने मायके थाना जलालपुर के धौहल गांव आई थी। बहन की मिट्टी करने के बाद पार्वती अपनी ससुराल नौरंगा चली गई। इस गांव में 25 से लेकर 30 नवंबर तक वार्षिक मेला लगता है। पार्वती के साथ उसके दो मासूम बच्चे सनी और प्राची भी आए थे। दो...