नई दिल्ली, अक्टूबर 11 -- कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है। पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। ये लाइनें उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के एक परिवार के चार भाई-बहनों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। कहानी की शुरुआत तब हुई, जब बहनों को यूपीएससी में असफलता मिली। फिर बड़े भाई योगेश मिश्रा ने अपनी बहनों को परीक्षा में असफल होते देखा, तो उनकी मदद करने के लिए एक ऐसा फैसला लिया, जिसने चारों भाई-बहनों को सिविल सेवाओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। योगेश मिश्रा ने बहनों की मदद करने के लिए अपनी लाखों की नौकरी छोड़ दी और खुद भी तैयारी करनी शुरू कर दी। फिर कुछ सालों में चारों भाई-बहनों ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपना सपना पूरा किया।मिलिए योगेश मिश्रा की फैमिली से बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में लालगंज के...