लखनऊ, फरवरी 23 -- गोसाईगंज के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर दुर्घटनाग्रस्त स्लीपर बस में निर्धारित मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया गया था। पंजीकरण के अनुसार बस में 16 स्लीपर होने चाहिए, लेकिन बॉडी में बदलाव कर इसे 43 स्लीपर वाली बना दिया गया। इमरजेंसी गेट को बंद कर वहां भी स्लीपर सीटें बना दी। आरटीओ की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ। यह बात सामने आ रही है कि डिवाइडर पर बस का एक चक्का चढ़ने से हादसा हुआ है। कुछ यात्रियों से बातचीत के अनुसार बस ड्राइवर नशे में था। दुर्घटना के बाद मौके पर आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन आलोक यादव और उनकी टीम ने बस की जांच की। पता चला कि दुर्घटनाग्रस्त बस संख्या एचआर-55-एएफ-1323 हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आरटीओ कार्यालय में 14 मार्च 2019 को प्रदीप कुमार के नाम से पंजीकृत की गई थी। पंजीकरण के अनु...
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