बसपा में उत्तराधिकारी की छटपटाहट, लेकिन 'माया' को अपनी 'छाया' पर ही ज्यादा भरोसा
आलोक मिश्र, सितम्बर 11 -- बसपा सुप्रीमो मायावती परिवार में मची उथलपुथल को शांत करने के लिए एक के बाद एक जो दांव चल रही हैं, उनमें पार्टी में दबदबा बनाए रखने की ललक साफ झलकती है। बसपा संस्थापक कांशीराम के बाद पार्टी की सिरमौर बनीं मायावती 23 बरस की लंबी यात्रा के बाद अब उम्र के उस पड़ाव पर हैं, जहां राजनीतिक उत्तराधिकारी का सवाल और छटपटाहट दोनों उनके सामने मुंह बाये खड़े हैं। बड़े भतीजे आकाश आनंद को तीन बार हटाना फिर पार्टी से बाहर करने के बाद छोटे भतीजे ईशान को आगे करना बसपा सुप्रीमो की छटपटाहट का ही प्रमाण है। विरासत को सुरक्षित और भरोसेमंद हाथों में सौंपने की मायावती की तलाश फिलहाल जारी है। विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के भीतर चल रही पारिवारिक सोशल इंजीनियरिंग के भी कई मायने हैं। मायावती ने जिस तरह आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीतिक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.