सहरसा, फरवरी 18 -- महिषी, एक संवाददाता। प्रखंड के विभिन्न गांवों में रंग-गुलाल के पर्व होली की बयार बसंत पंचमी के बाद से ही महसूस होने लगी है। मां सरस्वती की पूजा उपरांत गांवों में होली गीतों की गूंज सुनाई देने लगी है। स्पीकरों पर होली के पारंपरिक गीतों के साथ सरर की धुन माहौल को उत्सवी बना रही है। ग्रामीण मंदिरों में कीर्तन, भजन व गायकी के अवसरों पर भी होली गीतों की प्रस्तुति हो रही है। कीर्तन मंडलियों में ढोल की थाप पर क्षेत्रीय होली गीतों की रौनक बढ़ी
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