वाराणसी, मई 2 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर 'स्मार्ट धोखा' दिया जा रहा है। बिना बिजली का प्रयोग किये ही मीटर का बैलेंस कट रहा है। किसी उपभोक्ता का 1800 तो किसी का 500 रुपये बैलेंस उड़ गया। वहीं, स्मार्ट मीटर तेज चलने की भी शिकायतें भी आम हैं। कई उपभोक्ताओं को एक सप्ताह में छह हजार रुपये रीचार्ज करना पड़ा। इसके अलावा मीटर रीचार्ज करने के बाद भी बिजली चालू करने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उपभोक्ता यह शिकायत लगातार कर रहे हैं। उपकेंद्रों से डिविजन तक चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे हैं। मीटर लगाने वाली कंपनी जीएमआर के अधिकारी भी मनमानी कर रहे हैं। कंपनी की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर घंटों प्रयास के बाद भी बात नहीं हो पाती है।किसी का मीटर किसी के घर टांग दियामीटर लगाने वाली कंपनी जी...
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