नई दिल्ली, अगस्त 12 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एक बेहद महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। इस याचिका में बलात्कार जैसे यौन अपराधों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 'जेंडर न्यूट्रल' (लिंग-निरपेक्ष) घोषित किए जाने की मांग की गई है, ताकि बलात्कार जैसे अपराधों के मामले में सभी तरह के लिंग वाले पीड़ितों (महिला, पुरुष, ट्रांसजेंडर और पशु) से कानून द्वारा एक जैसा व्यवहार किया जा सके। याचिका में बताया गया है कि अभी BNS में पुरुषों, ट्रांसजेंडरों या जानवरों के साथ बिना सहमति के किए जाने वाले अप्राकृतिक (गैर-योनि) यौन कृत्यों से निपटने के लिए कोई प्रावधान नहीं है, क्योंकि कानून में केवल यह माना गया है कि यौन अपराध केवल एक पुरुष द्वारा महिला के खिलाफ ही किया जा सकता है। यह भी पढ़ें- यह तो मालिक के बजाय चोर को घर ...