बलरामपुर, जून 20 -- बलरामपुर, संवाददाता। वर्ष 2015 में जब संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, तब बलरामपुर में योग को लेकर जागरूकता सीमित थी। योग शिविर और कार्यक्रम केवल कुछ संस्थानों या विशेष अवसरों तक ही सीमित रहते थे। लेकिन 11 वर्षों के दौरान जिले में योग के प्रति लोगों का नजरिया भी बदला है। आज योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि हजारों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। पार्कों से घरों व गांवों तक योग का दायरा बढ़ा। महिलाएं व युवा इसकी ताकत बने। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई। यह भी पढ़ें- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ::स्वस्थ बुढ़ापे के लिए संजीवनी है योग तब बलरामपुर जिले में योग की गतिविधियां सीमित थीं। कुछ सरकारी कार्यक्रमों तक ही सिमटी रहती थीं। लेकिन 11 वर्षों में तस्वीर काफ...