बलरामपुर, फरवरी 12 -- उतरौला, संवाददाता। स्थानीय तहसील क्षेत्र में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। बिना भू-उपयोग परिवर्तन और नक्शा स्वीकृति के कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेचा जा रहा है। इससे एक ओर उपजाऊ जमीन घट रही है, वहीं दूसरी ओर खरीदार भविष्य के कानूनी विवादों में फंसते जा रहे हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि कुछ जमीन दलाल गांवों में सस्ते दामों पर खेत खरीदकर उन्हें "फ्यूचर कॉलोनी" बताकर ऊंची कीमत पर बेच रहे हैं। कई मामलों में रजिस्ट्री तो करा दी जाती है, लेकिन न तो ले-आउट पास होता है और न ही आवासीय उपयोग की अनुमति। बाद में निर्माण या नामांतरण के दौरान जमीन कृषि श्रेणी में दर्ज होने की बात सामने आती है, जिससे खरीदारों को तहसील और थाने के चक्कर काटने पड़ते हैं। जानकारों का कहना है कि प्लॉट खरीदने से...