लखनऊ, मई 14 -- बलरामपुर अस्पताल में इस्तेमाल हो रही सिरिंजों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के विभिन्न विभागों में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि खराब गुणवत्ता वाली सिरिंजों के कारण इलाज और जांच दोनों प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में 756 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। ओपीडी में पांच से छह हजार मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। 98 प्रतिशत मरीजों को पैथोलॉजी जांचें लिखी जाती हैं। उन्हें इंजेक्शन लगाए जाते हैं। आरोप है कि कई सिरिंजों में वैक्यूम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। इसके चलते खून का नमूना लेने में दिक्कत हो रही है। कई बार पर्याप्त मात्रा में ब्लड सैंपल नहीं जुट पा रहा। सुई लगाते ही खून का थक्का बन रहा है। इससे नमूना एकत्र करने में अड़चन आ रही है। मरीज को कई बार सुई का दर्द झेलना पड़ रहा है। खासकर ...