उत्तरकाशी, दिसम्बर 17 -- बर्नीगाड़ उप तहसील सात सालों के बाद भी अस्तित्व में नहीं आ पाई है। यहां क्षेत्र के 55 गांव के लोगों को अपने जरूरी कामकाज व दस्तावेजों को बनाने के लिए 50 किमी. की दूरी तय कर बड़कोट तहसील पहुंचना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीधों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। बता दें कि पुरोला विधानसभा के बर्नीगाड़ में उप तहसील के लिए वर्ष 2017 में तात्कालिक मुख्यमंत्री हरिश रावत ने घोषणा की, लेकिन यह घोषणा कागजों तक सीमट कर रह गई। इस उप तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 55 राजस्व गांव पड़ते हैं। जिन्हें अपने आय, जाति, स्थाई, सहित रजिस्ट्री आदि आवश्यक दास्तावजों के लिए बड़कोट तहसील पहुंचना पड़ता है। लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण यह उप तहसील अभी अस्तित्व में नहीं आई है। यहां स्वाभिमान मोर्चा के जिलाध्यक्ष कैलाश थपलियाल और नवीन चौहान ने जिलाधिका...
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