रांची, जून 30 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने सीसीएल के कर्मचारी अभय कुमार को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा समाप्ति और अपीलीय प्राधिकार के आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कहा कि विभागीय जांच में एक भी मौखिक गवाह का परीक्षण नहीं किया गया और बिना साक्ष्य के कर्मचारी को दोषी ठहराया गया, जो कानून सम्मत नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि विभागीय जांच के दौरान कुल 18 बैठकें हुईं, लेकिन प्रबंधन की ओर से एक भी गवाह पेश नहीं किया गया और न ही किसी दस्तावेज को विधिसम्मत तरीके से साबित किया गया। यह भी पढ़ें- सेवानिवृत्ति के 20 साल बाद पेंशन और वेतन कटौती अवैध, आदेश रद्द सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि विभागीय जांच एक अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया है और आरोप साबित क...