वाराणसी, जून 18 -- वाराणसी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में करोड़ों रुपयों के गबन के आरोप में बर्खास्त लेखाकार केशवेंद्र द्विवेदी को प्राविडेंट फंड (पीएफ) में जमा राशि को छोड़कर बाकी कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। एमडी शंभू कुमार के एक्शन के बाद वह भविष्य में किसी सरकारी नौकरी लायक भी नहीं बचा। एमडी की कार्रवाई से विभाग में बुधवार को नीचे से ऊपर तक सनसनी एवं घबराहट का माहौल दिखा। केशवेन्द्र द्विवेदी का बर्खास्तगी आदेश 16 जून को जारी हुआ था। विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के बीच बुधवार को यह कार्रवाई चर्चा का विषय थी। डिस्कॉम प्रबंधन की ओर से 16 मई को जारी आदेश में 'डिस्मिसल' (पदच्युति) शब्द का प्रयोग किया गया है। यह मामूली दंड नहीं है बल्कि, राज्य सेवा नियमावली के तहत सबसे गंभीर और कठोर दंड है। इसमें कर्मचारी को बड़ा वित्तीय नुकसान होता है...