लखीमपुरखीरी, मई 6 -- गांव वालों को शुद्धपेयजल मिल सके इसके लिए सरकार ने करोड़ों रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत की गई। कई साल हो गए पर काम अब भी अधूरा है। कहीं आधे अधूरे टैंक बने हैं तो कहीं बोरिंग के बाद निर्माण नहीं हुआ। जो ओवरहेड टैंक बने हैं उनकी गुणवत्ता पर भी कई बार सवाल उठ रहे हैं। बरेली के भभोरा में ओवरहेड टैंक ढहने के बाद इनकी गुणवत्ता पर फिर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं। वहीं गांव वालों का कहना है कि करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद भी उनको शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो रहा है। ओवरहेड टैंक की गुणवत्ता की अगर बात की जाए तो पहले पड़ोसी जिला सीतापुर में एक टैंक ढहा था। यह भी पढ़ें- ओवरहेड टैंक का संचालन शुरु करने की किया मांग इसके बाद खीरी जिले के शेखपुर में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक टेस्टिंग के दौरान फट गया था। इस की शासन स्तर से जांच कराई गई।...