बरेटा की गढ़ में आज भी जीवंत हैं महाभारत काल की लोककथाएं
पूर्णिया, जून 2 -- कसबा, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय से उत्तर स्थित कसबा नगर परिषद क्षेत्र के बरेटा काली पोखर और उसके आसपास का इलाका आज भी स्थानीय लोगों के बीच महाभारत काल की स्मृतियों से जुड़ा माना जाता है। हालांकि इन मान्यताओं के समर्थन में कोई प्रमाणिक ऐतिहासिक या पुरातात्विक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही लोककथाएं इस क्षेत्र को विशेष पहचान देती हैं। यह भी पढ़ें- सतबहिनी झरना तीर्थ का दौरा कर किया गया योजनाओं का चयनमहाभारत काल की कहानियाँ स्थानीय लोगों के अनुसार सीमा गांव, जिसे प्राचीन काल में विराटनगर की सीमा माना जाता था, उसके दक्षिण में स्थित बरेटा का काली पोखर, वन देवी मंदिर और आसपास का घना जंगल महाभारत कालीन घटनाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है। जनश्रुति है कि अज्ञातवास पर जाने से पहले पांडवों ने कुछ समय इसी...
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