वाराणसी, अप्रैल 2 -- वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना में बनने वाले इंजनों में इस बार कई बदलाव दिखेंगे। सबसे खास बात यह है कि सभी लोको कवचयुक्त होंगे, जो रेल दुर्घटनाओं से बचाव करेंगे। इसके अलावा कैब को क्रू फ्रेंडली बनाया जा रहा है, जिसमें भीतरी शोर कम होगा। नए लोको में 65-70 डेसिबल तक ही ध्वनि सुनाई देगी। लोको की लुकआउट स्क्रीन कार की तरह (एयरोडायनमिक) होगी। साथ ही वंदेभारत और अमृत भारत ट्रेनों की तरह आरामदायक सीटें होंगी, जिससे लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को लम्बी यात्रा में थकान नहीं होगी। इन इंजनों में डिफ्यूज लाइट भी लगाई जाएगी, जिससे लाइट की चमक शीशे पर न पड़े। वहीं, इनमें सीएलआई सीट लगाई जा रही है, जिससे फुट प्लेट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों या इंस्पेक्टर को खड़े होकर ऑब्जरवेशन करने की समस्या खत्म होगी। इनमें यूरिनल लगाए जाएंगे। ...