आगरा, मई 4 -- जानलेवा हमले एवं खनिज अधिनियम के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरती। बरामद तमंचों को पुलिस ने जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजा और न ही स्वतंत्र गवाह और न ट्रैक्टर बरामद किए। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में चार आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए। थाना जगनेर के तत्कालीन थानाध्यक्ष कुशल पाल सिंह ने थाने में मुकदमा दर्ज करा आरोप लगाया था कि नौ सितंबर 20 को वह फोर्स के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। धौलपुर की तरफ से चंबल लेकर आती ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया तो इसमें बैठे लोगों ने ट्रैक्टर चालक से उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने को कहा। आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर भी किए। जिससे पुलिस कर्मी बाल-बाल बचे। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर सात राउंड फायर किए। जिससे एक खनन माफिया घायल हो गया। पुलिस ने मौके स...