बरसाने की लाड़लीजी का जन्मोत्सव का शुभ मुहूर्त कब, किसके श्राप से राधा जी ने सहा कृष्ण वियोग
नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से राधा अष्टमी का पर्व जुड़ा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार श्रीराधा का जन्म भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दोपहर बारह बजे हुआ था। लोक प्रचलित कथा के अनुसार एक दिन गोप वृषभानु नदी में स्नान कर रहे थे, तभी उन्होंने नदी किनारे एक कमल के फूल पर नन्हीं बच्ची को देखा। उन्होंने उसे गोद में उठा लिया और अपनी पुत्री की तरह पाला। एक अन्य किंवदंती के अनुसार राधा वायु रूप में वृषभानु की पत्नी कीर्ति के गर्भ में प्रवेश कर गईं और उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया। जिस स्थान पर उनका जन्म हुआ, वह अब रावल के मंदिर का गर्भगृह है।कब है राधाष्टमी वर्ष 2026 में अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे शुरू होगी और 19 सितंबर को दोपहर 3:26 बजे समाप्त होगी। राधा अष्टमी के दिन सुबह 7 ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.