एटा, अप्रैल 22 -- गो सेवा आयोग के अध्यक्ष बिहारी गुप्ता, सदस्यगण रमाकांत उपाध्याय के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त निरीक्षण करने के बाद अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक की। निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता गो संरक्षण एवं गो संवर्धन को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से गोवंशों के स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित पोषण, गो आधारित प्राकृतिक खेती के प्रसार तथा गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को विकास के केन्द्रीय बिंदु के रूप में रेखांकित किया गया। गोचर चारागाह भूमि पर नैपियर घास की व्यापक बुवाई कराए जाने के निर्देश दिए गए। शासन की ओर से प्रति हेक्टेयर लगभग Rs.22,000 की सहायता प्रदान की जा रही है। जिन गोशालाओं...