संभल, अगस्त 8 -- बरसात का मौसम शुरू होने के बाद भी आलू के दामों में तेजी नहीं आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले वर्ष इसी समय आलू 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था, जबकि इस बार किसानों को महज 600 से 650 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। ऐसे में किसानों के लिए फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। किसानों को उम्मीद थी कि बरसात के मौसम में आलू की खपत बढ़ने के साथ बाजार में भाव में उछाल आएगा, लेकिन इसके उलट कीमतों में गिरावट जारी है। वहीं कोल्ड स्टोर में आलू रखने का खर्च भी किसानों पर भारी पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक प्रति बोरी करीब 400 रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहा है। कम भाव और बढ़ते भंडारण खर्च ने किसानों का गणित बिगाड़ दिया है। बरसात में दाम बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे किसान अब बाजार की स्थिति को लेकर चिंतित हैं...