बम-बंदूक के बिना भी ताइवान को घुटने पर ला सकता है चीन, जानें क्या है ड्रैगन की रणनीति
नई दिल्ली, जुलाई 11 -- चीन और ताइवान की दुश्मनी आज की नहीं है। वर्षों से दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं। अपनी विस्तारवादी नीतियों के बल पर चीन इस छोटे से देश पर कब्जा करने की कोशिश करता रहता है। हाल के कुछ वर्षों में यह अक्सर देखा गया है कि स्ट्रेट ऑफ ताइवान को पार करते हजारों चीनी सैनिक, आसमान से बरसती मिसाइलें और भारी गोलाबारी के बीच तटीय इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश की जाती है। हालांकि, अब ड्रैगन ने अपनी रणनीति बदल ली है। रक्षा और सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि चीन अब एक बिल्कुल अलग रणनीति पर काम कर रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े जल-थल हमले को अंजाम देने के बजाय, चीन ताइवान को आर्थिक और मनोवैज्ञानिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करने की रणनीति अपना सकता है। इस नई रणनीति का उद्देश्य तुरंत ताइवान के क्षेत्र पर कब्जा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.