उरई, अप्रैल 3 -- कालपी। बिजली विभाग की प्रीपेड व्यवस्था उपभोक्ताओं के साथ विभाग के लिए भी मुसीबत बन गई है। बन्द आपूर्ति शुरू कराए जाने को लेकर उपखंड कार्यालय में भीड़ जमा हो गई जिससे विभागीय अधिकारी हलकान हो गये और उन्हें नियन्त्रित करने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी है। विधुत विभाग में प्रीपेड व्यवस्था लागू करने की कवायद गत एक वर्ष से चल रही है जिसमे अब तक लगभग साढ़े छह हजार उपभोक्ताओं के घरो पर प्रीपेड मीटर भी लग चुके है और यह व्यवस्था 1 जनवरी से लागू होनी थी पर तकनीकी कमी के चलते यह व्यवस्था 13 मार्च से लागू हो गई थी हालाकि पहले इसके परिणाम उपभोक्ताओं और विभागीय जिम्मेदारो को पता नही थे लेकिन धीरे धीरे प्रीपेड व्यवस्था की हकीकत उपभोक्ताओं के सामने आने लगी थी और अब तो आलम यह है कि बैलेंस ऋण मे जाते ही उपभोक्ताओं की आपूर्ति ठप हो जा रही है ...