पीलीभीत, अगस्त 9 -- पीलीभीत। आजादी के लिए किए गए प्रयासों से जुड़ा अतीत बरबस ही अगस्त माह में हर किसी के जहन में ताजा हो जाता है। अगस्त क्रांति की बात करें तो नौ अगस्त के दिन से ही एक प्रचंड शुरूआत हो गई थी। रुहेलखंड के सबसे छोटे जिले पीलीभीत का भी अगस्त क्रांति से जुड़ाव रहा है। यहां एक जमींदार परिवार ने अपने घर की सुख सुविधाएं ही नहीं बल्कि पढ़ाई लिखाई के बाद उन दिनों की तहसीलदार की नौकरी तक छोड़ दी थी। स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष की गाथा से मिली जानकारीक के मुताबिक जिले में सर्वाधिक आजादी के परवानों ने जो संघर्ष किया वह अदभुत था। जनपद में क्रांतिकारी आंदोलन की शुरूआत करने वाले कुंवर भगवान सिंह अपने जमींदार पिता की सुख सुविधाओं के होने के बाद भी मां भारती की सेवा की राह चुनी। बीए करने के बाद उन्हें तब के दौर में तहसीलदारी मिल गई थी। पर...