नई दिल्ली, मार्च 5 -- भारत में साड़ी को महिलाओं का सबसे पारंपरिक और लोकप्रिय परिधान माना जाता है। अलग-अलग राज्यों में साड़ी पहनने के तरीके और डिजाइन अलग हो सकते हैं, लेकिन सिल्क साड़ी यानी रेशम की साड़ी का अपना खास महत्व है। शादी, त्योहार, धार्मिक कार्यक्रम या किसी खास अवसर पर महिलाएं अक्सर सिल्क साड़ी पहनना पसंद करती हैं। इसकी चमक, मुलायम कपड़ा और शाही लुक इसे बाकी साड़ियों से अलग बनाता है। लेकिन सिल्क साड़ियों की परंपरा आज की नहीं है, बल्कि इसका इतिहास बहुत पुराना है।भारत में रेशम की शुरुआत भारत में रेशम का इस्तेमाल हजारों साल पहले से होता आ रहा है। माना जाता है कि लगभग 2000 साल पहले भारत में रेशम के धागे से कपड़े बनाए जाने लगे थे। उस समय रेशम बहुत कीमती माना जाता था और इसे अमीर व राजघरानों के लोग ही पहनते थे। राजाओं और रानियों के कपड़ो...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.