कौशाम्बी, जून 9 -- मंदर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कसेंदा गांव में पिछले दो माह से बदहाल बिजली आपूर्ति के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। फोरलेन परियोजना के तहत विद्युत लाइन शिफ्टिंग के दौरान उत्पन्न तकनीकी खामियों से नाराज ग्रामीणों ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष तलत अजीम के नेतृत्व में कार्यदायी संस्था छात्र शक्ति के प्रोजेक्ट मैनेजर वरुण सिंह का घेराव कर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। उपभोक्ताओं का कहना है कि गांव में पिछले दो माह से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। तार, खंभे और ट्रांसफॉर्मर शिफ्टिंग के बाद आए दिन शार्ट सर्किट, फाल्ट और अन्य तकनीकी खराबियों के कारण घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। लोगों के अनुसार इस अवधि में मुश्किल से 20 से 25 दिन ही सामान्य रूप से बिजली मिल सकी है। करीब एक माह से उपभोक्ता लो वोल्...