झांसी, जून 7 -- झांसी। कभी बबीना की जीवनरेखा कहे जाने वाला मोती तालाब बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कई गंदे नालों का मुंह तालाब में खुला है। जिससे पानी काला मटमैला हो गया। दुर्गध-गंदगी दूर जाने को कहती है। हालात यह है कि जलकुंभी ने खूबसूरती मिटा दी है। फिर भी जिम्मेदार बेफिक्र हैं। बबीनावालों ने इसकी सफाई और संरक्षण की फिर आवाज उठाई है। क्षेत्रवासियों के अनुसार बरसों पहले रायकवार समाज के लोग इस तालाब में सिंघाड़ा, मुरार और कमलगट्टे की खेती के साथ मछली पालन करते थे। जिससे उनकी आजीविका चलती थी। घूमने के लिए यह स्थान किसी पिकनिक स्पॉट से कम न था। यह भी पढ़ें- फाइल एक मोती तालाब का धार्मिक और सामाजिक महत्व रखता है। यहां प्रतिमा, मोर विसर्जित होते हैं तो मुहर्रम के दौरान ताजियों भी ठंडे कराए जाते हैं। वर्तमान में शाम गहरी होते अराजक तत्वों का जमाव...