बक्सर, मई 19 -- पेज पांच की लीड ----- अनदेखी स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि पांच दशक पहले शहर के पोखरे लोगों की जीविका और दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हुआ करते थे जल-जीवन-हरियाली योजना बेअसर, शहर के पोखरों में गंदगी भीषण गर्मी में चापाकलों का जलस्तर नीचे जाने से बढ़ी परेशानी फोटो संख्या 16 कैप्शन- डुमरांव स्थित महाकाल पोखरा। डुमरांव, संवाद सूत्र। स्थानीय शहर के अधिकांश पोखरों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। कभी जल संरक्षण, सिंचाई और दैनिक जरूरतों का प्रमुख आधार रहे शहर के पोखरे आज बदहाली और उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं। जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत प्रभावी कार्य नहीं होने तथा लगातार बढ़ती गर्मी के कारण शहर के कई पारंपरिक जल स्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। भीषण गर्मी के कारण चापाकलों का जलस्तर भी तेजी से नीचे खिसक रहा है, जिससे ...