प्रयागराज, अप्रैल 19 -- प्रयागराज। 'युवा सृजन संवाद' की 'किताबनामा' श्रृंखला के तहत शनिवार को अंजुमन-रूहे-अदब, प्रयागराज में युवा लेखक असरार गांधी के दूसरे कहानी संग्रह 'धूप छांव' का लोकार्पण किया गया। प्रो. हेरम्ब चतुर्वेदी ने कहा कि इस संग्रह की कहानियां अपने समय और समाज को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जिनमें भूमंडलीकरण के बाद मध्यमवर्गीय समाज के अंतर्संबंधों की जटिलताओं को उकेरा गया है। प्रो. संतोष भदौरिया ने कहा कि असरार गांधी मूलतः उर्दू के लेखक हैं, लेकिन उनकी दो कृतियां 'रिहाई' और 'धूप छांव' देवनागरी में भी प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि असरार की कहानियां इंसानी रिश्तों के बदलते स्वरूप और उनके भीतर के संकटों को बेहद सटीकता से सामने लाती हैं, जिनमें शब्दों का कहीं भी अनावश्यक प्रयोग नहीं दिखता। यह भी पढ़ें- असरार की 'रिहाई...
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