सीतामढ़ी, अप्रैल 19 -- सीतामढ़ी। जलवायु परिवर्तन का असर अब जिले के कृषि क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम के अनियमित मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कभी बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि फसल तैयार होने के समय ही नुकसान पहुंचा रही है, तो कभी जरूरत के समय बारिश नहीं होने से खेती प्रभावित हो रही है। इस बार खरीफ के साथ-साथ रबी की फसलें भी मौसम की मार से अछूती नहीं रहीं। गेहूं, सरसों और दलहन जैसी रबी फसलें कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश से बर्बाद हो गईं। खेतों में तैयार फसल के भीगने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हुआ है। यह भी पढ़ें- जलवायु अनुकूल खेती को अपनाकर लाभ कमा सकते हैं किसान जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।धान की खेती करने वाले किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिचड़ा तैयार करने और रोपनी के समय प...
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