जमशेदपुर, सितम्बर 21 -- पहले बीमारियों को उम्र से जोड़कर देखा जाता था। अब तो जीवन शैली ऐसी होती जा रही है कि किस उम्र में कौन सी बीमारी पकड़ ले, कहा नहीं सकता। अल्जाइमर के शुरुआती लक्षणों को अक्सर लोग सामान्य भूलने की बीमारी या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही कारण है कि कई मरीज बीमारी बढ़ने के बाद ही अस्पताल पहुंचते हैं। इसके कुल मरीजों में से करीब 5 फीसदी युवा भी हैं। जमशेदपुर में न्यूरो फिजिशियन डॉ. एमएन सिंह के अनुसार, जिले में अल्जाइमर के करीब पांच हजार मरीज होने का अनुमान है। डॉ. सिंह ने बताया कि अल्जाइमर में मस्तिष्क के कुछ खास हिस्सों की कोशिकाओं का क्षय होने लगता है। इसके कारण धीरे-धीरे याददाश्त और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। शुरुआत में मरीज हाल की बातें भूल सकता है, सामान रखकर उसकी जगह ...