गंगापार, फरवरी 25 -- फरवरी माह में बढ़ते तापमान ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। फरवरी का महीना ही गेहूं की बलियों में दाना भरने का सबसे अहम दौर होता है। इस चरण में तापमान बढ़ने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञ आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि तापमान बढ़ने का समय और उसकी तीव्रता दोनों ही बेहद अहम है। अगर फरवरी 15 से पहले तापमान असामान्य रूप से बढ़ता है तो, जोखिम ज्यादा होता है। वही दिन का तापमान अगर 26 से 27 डिग्री सेल्ससियस तक सीमित रहता है तो आमतौर पर फसल को नुकसान नहीं होता है। लेकिन अगर यह तापमान लंबे समय तक 28 से 29 डिग्री सेल्ससियस या उसके ऊपर बना रहता है तो उत्पादन पर असर पढ़ने की आशंका बढ़ जाती है। मौसम विभाग का यही अनुमान किसानों की चिंता का कारण है। इस चरण में तापमान बढ़ने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। गेहू...
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