बांका, अप्रैल 20 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। मेहनत की मिट्टी में सपनों का बीज बोते हैं किसान, फिर भी सूखे दामों में खो जाते उनके अरमान। प्रस्तुत पंक्ति जिले के किसानों की मौजूदा स्थिति को बखूबी बयां कर रही है। जहाँ जिले के किसानों को आज भी खेती से लेकर फसल बेचने तक कई स्तरों पर हमेशा संघर्ष करना रहा है। चूंकि बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलने से उनकी स्थिति दिन-ब-दिन कठिन होती जा रही है।जबकि दलहन और तेलहन की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि, इन फसलों में जोखिम अधिक है। किसानों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन ने खेती को और अस्थिर बना दिया है। यह भी पढ़ें- पूरी मेहनत के बाद भी किसानों को नहीं मिलता फसलों का वाजिब दाम जिसके चलते अक्सर वे बेमौसम बरसात का शिकार हो जाते हैं और कई दफा उनके फ़सल भी बर्बाद हो जाते हैं। ज...