बड़े हादसों के बाद ही अफसरों को नजर आता खतरा
बांदा, जून 24 -- बांदा। कोचिंग सेंटर, अस्पताल व नर्सिंग होम में जब कहीं बड़े हादसे होते हैं तो जिम्मेदारों की अवैध रूप से संचालित इन गतिविधियों पर गंभीरता दिखती है। कुछ दिन पहले नोएडा में हुए हादसे के बाद भी जांच व कार्रवाई तेज की गई थी। कई लोगों को नोटिस भी दी गईं। लेकिन जब पखवारे भर में मामला ठंडा पड़ा तो अधिकारी भी खामोश हो गए। एक संचालक ने बताया कि शासन स्तर पर जब सख्ती होती है तो जिम्मेदार विभागों की वसूली भी तेज हो जाती है। लखनऊ हादसा ठंडा पड़ने के बाद अधिकारी भी चुप हो जाएंगे। यह भी पढ़ें- बेसमेंट में संचालित निजी अस्पताल बन सकते हैं हादसे का सबब यह भी पढ़ें- सात कोचिंग सेंटर किये सील, 25 को नोटिस यह भी पढ़ें- 15 कोचिंग सेंटर-लाइब्रेरी और तीन जिम सेंटर किए सील
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