नई दिल्ली, जनवरी 7 -- उत्तर प्रदेश की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद बड़े शहरों के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। इस सूची में सबसे बड़ी 'छंटनी' मध्य और पश्चिमी यूपी के उन बड़े शहरों में हुई है, जिन्हें रोजी-रोजगार का केंद्र माना जाता था। आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रदेश में जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें से अधिकांश वे लोग हैं जो बड़े शहरों को छोड़कर अब अपने गृह जनपदों (छोटे जिलों) की मतदाता सूची में शामिल हो गए हैं। इस बात की आशंका एसआईआर शुरू होने पर ही जताई जा रही थी। सर्वाधिक नाम कटने वाले टॉप टेन जिलों की सूची में मध्य और पश्चिमी यूपी का दबदबा है, जहां अकेले लखनऊ से 12 लाख, प्रयागराज से 11.56 लाख और आगरा से 8.36 लाख वोटरों के नाम कटे हैं। यह डेटा स्पष्ट संकेत दे रहा है कि बड़े शहरों से...
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