नई दिल्ली, मार्च 27 -- Science and Technology: आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) के वैज्ञानिकों ने अंडे के छिलकों से एक नैनो-टेक्नोलॉजी आधारित फिल्टर विकसित किया है। यह पानी में मौजूद आर्सेनिक, फ्लोराइड और लेड जैसे जहरीले तत्वों को हटाने में कारगर होगा। शोध को पेटेंट भी मिल गया है। स्कूल ऑफ नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार बताते हैं कि अंडे के छिलकों से तैयार यह तकनीक जल शोधन के क्षेत्र में नई दिशा दे सकती है। भविष्य में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अंडे के छिलके को नैनोकण बनाने के क्रम में लेमन और एलोबेरा जैसे हर्बल का उपयोग कर उच्च तकनीकी पदार्थ बनाया गया है, जो वातावरण को कार्बन उत्सर्जन से भी बचाएगा। इस तरीके से दुषित जल से होने वाले कैंसर से भी बचाव हो सकेगा।कचरे से नैनो मट...