उत्तरकाशी, सितम्बर 17 -- बड़कोट में बुधवार को विश्वकर्मा पूजा बड़े हर्षोउल्लास से मनाई गई। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, जल संस्थान सहित विभिन्न संस्थानों में विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा स्थापित कर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। राज मिस्त्रियों और कारीगरों ने अपने-अपने औजारों की विशेष पूजा की तथा पुष्पांजलि अर्पित कर कार्य में सफलता की कामना की। पर्व का महत्व बताते हुए प्रधानाचार्य हरि प्रसाद सेमवाल ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम अभियंता और शिल्पकार माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उन्होंने देवताओं के महल, रथ, अस्त्र-शस्त्र और नगरों में द्वारका, इन्द्रप्रस्थ तथा स्वर्गलोक का निर्माण किया। इसी कारण उन्हें देवशिल्पी और वास्तु देवता कहा जाता है। इधर राज मिस्त्रियों ने स्नान कर स्वच्छ व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.