उन्नाव, दिसम्बर 25 -- उन्नाव। क्रिसमस-डे की पूर्व संध्या पर गिरिजाघर शाम से रोशनी से जगमगा उठे। जैसे ही रात में घड़ी की दोनों सुई 12 पर पहुंचीं वैसे ही चर्चों में जिंगल बेल की धुन बजने लगी। प्रभू ईशू के जन्मदिवस पर लोगों ने प्रार्थना की। कैरल सिंगिंग में लोगों ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया। शहर के मैथोडिस्ट सहित अन्य चर्चाें में सैकड़ों मोमबत्तियां एक साथ जगमगा उठीं। 'जिंगल बेल-जिंगल बेल' गीत गूंजने लगा। इसके बाद शहर के बड़े चौराहा पर चर्चा में गीत पर लोगों ने बधाई दी। कहां की आज पैदा हुआ है मसीहा दुनिया को बताएंगे' और 'शोर दुनिया में हो गया, आज पैदा मसीह हो गया' जैसे गानों ने सभी को प्रभू जन्म की खुशी का अहसास करा दिया। ईशा मसीह के जन्म की खुशी के गीतों के बाद बाइबिल का पाठ किया गया। साथ ही प्रभू के धरती पर जन्म लेने के उद्देश्य पर विस्तार से ...
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