नई दिल्ली, मार्च 24 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 115 मिनट तक अपना बजट भाषण दिया जो पहले बजट भाषण से 23 मिनट छोटा था। इस दौरान उन्होंने कई बार विपक्ष के नहीं होने पर टिप्पणी की। उन्होंने यहां तक कहा कि सामने विपक्ष नहीं होने के चलते सुनाने में मजा नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री ने बजट के बीच में विपक्ष पर भी खूब निशाना साधा। बिजली की तारों को लेकर चर्चा करते हुए उन्होंने शायरी पढ़ी कि 'दिल्ली कहां गईं तिरे कूचों की रौनकें, गलियों से सर झुका के गुजरने लगा हूं मैं'।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार सुबह कैबिनेट बैठक के बाद सुबह 10.50 बजे विधानसभा परिसर में पहुंची। विधानसभा के भीतर वह 11.05 बजे पहुंची और दस मिनट बाद उन्होंने अपना बजट भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि शहर की एक पहचान होती है, ल...