नई दिल्ली, मई 4 -- नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर अब भारत के उर्वरक खर्च पर भी दिखने लगा है। सरकार को अंदेशा है कि चालू वित्त वर्ष में उर्वरक पर दी जाने वाली सब्सिडी बजट में तय 1.71 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। इसकी प्रमुख वजह यूरिया और दूसरे उर्वरकों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतें हैंष उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस शर्मा ने सोमवार को बताया कि वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ रही हैं और इसका सीधा असर भारत के आयात पर पड़ रहा है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि सब्सिडी कितनी बढ़ेगी, लेकिन खर्च बढ़ने के संकेत साफ हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद किसानों को उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी। खरीफ 2026 सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता फिलहाल 'अच्छी' और 'स्थिर' बनी हुई है। यानी खेती के लिए जरूरी खाद पर्याप्त मात्रा मे...