बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने एक साथ मंच पर सजायी कथक की संरचनाएं
लखनऊ, जून 14 -- बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से आयोजित ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य कार्यशाला का समापन समारोह रविवार को मनाया गया। कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें पांच वर्ष की आयु के नन्हे बच्चों से लेकर लगभग 75 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समापन समारोह में 78 विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। समारोह का आगाज भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित हनुमान अष्टकम् की प्रस्तुति के साथ हुआ। इसकेब बाद वरिष्ठ विद्यार्थियों ने धमार ताल (14 मात्रा) में शुद्ध एवं पारंपरिक कथक शैली की प्रस्तुति दी गई, जिसने कथक की शास्त्रीय गरिमा एवं सौंदर्य को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। इसके बाद नवांकुर कलाकारों द्वारा तीनताल की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही कार्यक्रम में बाल कलाकारों ने राधा-कृष्ण भाव पर आधारित सुप्रसिद्ध दादरा रोको ना ड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.